नवीनीकरण की राह पर दिल्ली की नैनी झील, अमृत 2.0 योजना के तहत शुरू हुआ विकास कार्य
मोहित गौतम (दिल्ली) : दिल्ली के मॉडल टाउन स्थित नैनी झील के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नगर निगम की ओर से झील को बेहतर पर्यावरणीय, मनोरंजन और सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए नवीनीकरण परियोजना शुरू की गई है। यह कार्य अमृत 2.0 योजना के तहत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में जल प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत करना है।
परियोजना के तहत नैनी झील में उपचारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी का उपयोग किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कोरोनेशन पिलर स्थित एसटीपी से उपचारित पानी को नैनी झील तक पहुंचाया जाएगा। इससे झील के जल स्तर और रखरखाव में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा उपचारित पानी की अतिरिक्त मात्रा का इस्तेमाल आसपास के नगर निगम पार्कों में सिंचाई के लिए किया जाएगा। इससे पानी के पुनः उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और ताजे जल स्रोतों पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
नैनी झील के विकास कार्य में केवल जल प्रबंधन ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण भी शामिल है। परियोजना के अंतर्गत हॉर्टिकल्चर से जुड़े काम किए जाएंगे, जिससे झील के आसपास हरियाली और सार्वजनिक क्षेत्र को बेहतर रूप दिया जा सके। इसके साथ ही सजावटी रोशनी लगाने की योजना भी है, जिससे शाम और रात के समय क्षेत्र की उपयोगिता और दृश्य आकर्षण बढ़ सकता है।
परियोजना में दो म्यूजिकल फाउंटेन विकसित करने का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा झील के आसपास मौजूद आरसीसी ड्रेन के पुनर्निर्माण और सुधार का काम किया जाएगा। मौजूदा ग्रिल और सीमा क्षेत्र की मरम्मत भी परियोजना का हिस्सा है। इन कार्यों का उद्देश्य झील के आसपास के सार्वजनिक स्थान को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना है।
नैनी झील का यह विकास मॉडल टाउन क्षेत्र में पर्यावरण और सार्वजनिक सुविधाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। शहरी क्षेत्रों में जल निकायों का संरक्षण केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे स्थानीय पर्यावरण, जल प्रबंधन और नागरिकों के लिए खुले स्थानों को बेहतर बनाने में भी मदद मिलती है। उपचारित पानी के दोबारा इस्तेमाल की योजना इस परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि इससे पानी के संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग किया जा सकेगा।
नगर निगम के अनुसार, इस परियोजना का लक्ष्य नैनी झील को एक बेहतर पर्यावरणीय और मनोरंजक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करना है। यदि प्रस्तावित काम निर्धारित तरीके से पूरा होता है, तो झील और उसके आसपास का क्षेत्र स्थानीय निवासियों के लिए अधिक आकर्षक और उपयोगी बन सकता है। साथ ही उपचारित पानी के पुनः उपयोग से टिकाऊ जल प्रबंधन की दिशा में भी एक उदाहरण तैयार हो सकता है।
यह पहल दिल्ली में मौजूद जल निकायों और सार्वजनिक स्थानों के रखरखाव को लेकर व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता को भी सामने लाती है। झीलों का नियमित रखरखाव, जल की गुणवत्ता, आसपास की स्वच्छता और वर्षा जल के बेहतर प्रबंधन जैसे मुद्दे लंबे समय तक किसी भी ऐसी परियोजना की सफलता के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
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